शनिवार, 4 सितंबर 2021

दीपक पंडित जी का एक लोरी नवगीत

लोरी गीत





चंदा मेरे चंदा सो जा,
तुझको नींद सुला दूँ रे।
सपनों की प्यारी दुनिया में,
आ तुझको पहुँचा दूँ रे।

नींद सुहानी तुझको आये
भले रात भर मैं जागूँ 
तेरी नन्ही सी दुनिया में
चाँद सितारे मैं टाँकूँ 
मैं अपनी निश्छल ममता का,
अमरित तुझे पिला दूँ रे।

तेरी इन चंचल आँखों से
नींद भला क्यों रूठी है
सपनों की रंगीली दुनिया
काहे पीछे छूटी है
आ तुझको मैं लोरी गाकर,
सपनों से मिलवा दूँ रे।

जब तक तुझको नींद न आये
मैं कैसे सो सकती हूँ
तेरी सब खुशियों से बेसुध
मैं कैसे हो सकती हूँ
तेरे आगे मैं दुनिया की,
सब ख़ुशियाँ ठुकरा दूँ रे।

चंदा मेरे चंदा सो जा,
तुझको नींद सुला दूँ रे।
सपनों की प्यारी दुनिया में,
आ तुझको पहुँचा दूँ रे।

दीपक पंडित


9179413444
01/09/2021

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